Friday, October 29, 2021

दिवाली Spacial

 सुनो, ❤️

Anand Maurya Taybu 


एक दीवाली फिर से आने वाली है सूमो मेरी 


फिर तुम्हारे नाम का दीपक जलेगा


जानता हूँ मैं तुम्हारा कुछ नहीं पर

एक धुंधली लौ जला रखी है मैंने

जन्म अगला लूंगा जब तुम मिलोगी

शर्त इतनी सी लगा रखी है मैंने

इस हृदय ने मान रखी है नियति

इस जन्म तो ये अकेला ही चलेगा


एक दीवाली फिर से आने वाली है सूमो मेरी 


फिर तुम्हारे नाम का दीपक जलेगा


तुम हो शोभा एक आंगन की प्रिये अब

मुझको अपने स्वप्न में न पाती होगी

जो भी पहला दीप बुझ जाए तुम्हारा

तुम समझना वह ही मेरी बाती होगी

किंतु जितनी देर मैं देहरी जलूंगा

हर खुशी का रास्ता तुम पर खुलेगा


एक दीवाली फिर से आने वाली है सूमो मेरी 

फिर तुम्हारे नाम का दीपक जलेगा


इस बार जब अपने घर को तुम सजाना

साफ कर लेना अपने कमरे का दर्पण

याद आये तो ज़रा सा मुस्कुराना

जो तुम्हारे नाम था मेरा समर्पण

मैं वो कच्ची मिट्टी का हूँ दीप तेरा

आँख में काजल जो बन कर के घुलेगा


एक दीवाली फिर से आने वाली है सूमो मेरी 


फिर तुम्हारे नाम का दीपक जलेगा


सोचता हूँ इस बार की मैं फुलझड़ी में

स्वाह कर दूं मैं भी अपने इस सपन को

किंतु कैसे सत्य को स्वीकार कर लूं

बोल कर क्या समझाऊं मैं अपने मन को

दीप जो तेरा ही जल रहा है मुझमे

मेरी अंतिम साँस तक न ये बुझेगा


एक दीवाली फिर से आने वाली है सूमो मेरी 

फिर तुम्हारे नाम का दीपक जलेगा ❤️

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Anand sumo

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एक मेरी मोहब्बत ही को नहीं समझ पाये तुम बाकी मेरी हर गलती का हिसाब रखे

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